7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन, हवन पूजन व भंडारा कल

By Rajkapoor Chitera

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7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन

सीधी। शब्दरंग न्यूज डेस्क

जिले के रामपुर स्थित धौहवा माता मंदिर परिसर में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का बुधवार को समापन हुआ। श्रीमद् भागवत महापुराण की व्याख्या कथा व्यास पंडित सुभाष द्विवेदी जी महराज के मुखारवृंद से उपस्थित भक्तों ने श्रवण किया। विगत सात दिनों तक भगवान श्री कृष्ण जी के वात्सल्य प्रेम, असीम प्रेम के अलावा उनके द्वारा किए गए विभिन्न लीलाओं का वर्णन कर वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, अनाचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया।

7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा
कथा व्यास पंडित सुभाष द्विवेदी जी महराज

इस धार्मिक अनुष्ठान के सातवें एवं अंतिम दिन भगवान श्री कृष्ण की 16108 विवाहों की चर्चा तथा सुदामा जी का चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्तिरस में डुबो दिया। वेदव्यास के पुत्र शुकदेव जी कहते है भगवान् का नाम दीनबंधु है वे दीनानाथ है। कथा सुनाते हुए सुदामा चरित्र के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा सुदामा जो भगवान श्रीकृष्ण का परम भक्त था एवं बाल सखा भी था। धर्मपत्नी सुशीला देवी द्वारा बार-बार कहने पर एक बार सुदामा भगवान श्रीकृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका गए। वहां अपने बाल सखा रूपी भगवान श्रीकृष्ण से मिले। भगवान ने उनको गले लगाकर अपने आसन पर बिठाया उनके चरण धोए। उनकी पूजा की इसके बाद सुदामा जी चलने लगे तब सुदामा जी मन में सोच रहे थे कि सुशीला क्या कहेगी। मैंने भगवान से कुछ नहीं मांगा मैं उसे क्या जवाब दूंगा। जब वह घर पहुंचे तो घर पर सब कुछ राजा महाराजाओं जैसे हाल-चाल देखें। उनके नाम से पूरी एक पूरी सुदामापुरी बसा दी इसे देखकर सुदामा चकित रह गए। पंडित सुभाष द्विवेदी जी कहते है कि सुदामा चरित्र लोगों को सीख लेनी चाहिए कि भगवान जब बिना मांगे ही सब कुछ दे देते हैं तो मांगने की क्या आवश्यकता है। श्री मद् भागवत कथा सुनने के प्रभाव से राजा परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति होती है कथा का भावपूर्ण वर्णन किया।

7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन

इन कथाओं को सुनकर सभी भक्त भाव विभोर हो गए। लोगों ने दोपहर 2 बजे से 8 बजे तक इस संगीतमयी भागवत कथा का आनंद उठाया। इस सात दिवसीय भागवत कथा में आस-पास गांव के अलावा दूर दराज से काफी संख्या में भक्तों ने इस कथा का आनंद उठाया। सात दिनों तक इस कथा में पुरा वातावरण भक्तिमय रहा। प्रवचन के बाद कमेटी के द्वारा उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। हवन पूजन व भंडारा का आयोजन गुरूवार 14 अक्टूबर को होगा। कार्यक्रम में कथा मंडली सहयोगी के रूप में आचार्य संजीव मिश्र, रितेश द्विवेदी, ओम प्रकाश द्विवेदी, संगीतकार अनुराग, तबला वादक प्रतीक सिंह, छोटू, सिब्बू और शास्त्रीय गायक विकाश गुप्ता रहे। श्रीमद् भागवत कथा के आयोजक मनोज शर्मा और रामपुर पटेहरा ग्रामसभा वासी रहे।

Rajkapoor Chitera

RajKapoor Chitera is a passionate painter and prolific writer, known for his insightful perspectives on current affairs. With a keen eye for detail and a profound understanding of art, Raj Kapoor's paintings reflect his deep appreciation for beauty and creativity. In addition to his artistic pursuits, RajKapoor is also the founder and editor-in-chief of Shabdrang, a popular news blog that covers a wide range of topics, from politics to culture. Through Shabdrang, RajKapoor aims to provide readers with thought-provoking content that stimulates discussion and fosters a deeper understanding of the world around us. Whether he's wielding a paintbrush or crafting a compelling article, RajKapoor Chitera is a true artist at heart, constantly seeking to inspire and enlighten others through his work.

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