व्यंग्य : नेताजी ! चिकने गालवाली सड़कों में हैं समुद्री गर्त वाले गड्ढे?

By प्रभुनाथ शुक्ल

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Netaji smooth roads

हम अपनी गाँव की सड़क को देखते हैं तो मुझे रोना आता है। हमारी और उस बेचारी सड़क की दीनहींन दशा कभी सुधरी नहीं। सड़क गड्ढे में है या गड्ढे की सड़क है यह कहना मुश्किल है। जिस तरह सरकार मेरी गरीबी और बेगारी दूर नहीं कर पाईं ठीक उसी तरह यह सड़क है। सच कहूँ सड़क और मेरी दशा में कोई अंतर नहीं है। यह मुझ जैसी असहाय और जर्जर रह गयीं। उसके शरीर में विपन्नता के गहरे ज़ख्म हो गए हैं। वह चीखती और चिल्लाती है, लेकिन अंधे विकास को कुछ नहीं दिखता। विकास तो दौड़-दौड़ कर चुनावी राज्यों में ही जाता है। वहां के लोगों को हीरोईंन की गाल की तरह सड़क देने का वादा कर अपनी मक्कारी हंसी लेकर वापस लौट आता है। उसे सड़क में समुद्री गर्त जैसे बने गड्ढे नहीं दिखते।

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नेताजी की लग्गजरी गाड़ियां चुनाव के वक्त धूल उड़ाती हुईं जब गाँव में पहुँचती हैं तो गाँव के लोग वाग-वाग हो जाते हैं। नेताजी की स्तुति के कसीदे पढ़ते हैं। जनता के सामने नेताजी विकास की चुनावी डिब्बी खोलकर रख देते हैं। विकास का ऐसा खाका बुनते हैं जैसे प्रदेश की राजधानी अब गाँव को ही बना देंगे। गाँव की सड़क को हीरोईन की गाल की तरह बनावाने का वादा कर निकल जाते हैं।

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जनता भी विकास का सब्जबाग़ देख लट्टू हो जाती है। लेकिन सड़क गाल के बजाय गर्त बन जाती है। नालायक विकास सड़क की हालत ऐसी बना देता है की गाँव की महिलाओं की डिलवरी बगैर आपरेशन के सड़क पर ही हो जाती है। गाँव की जनता के कई हजार बच जाते हैं। गाँव के लोग सरकार और नालायक विकास का एहसान कभी नहीं भूलते।

सरकार हर साल सड़क को गड्ढे मुक्त करने के लिए अभियान चलाती है। लेकिन गड्ढे हैं कभी भरने का नाम ही नहीं लेते। सड़क को गड्ढा मुक्त करने के लिए करोड़ों खर्च हो जाते हैं। लेकिन अफसरों और राजनेताओं, ठेकेदारों की जेब के गड्ढे ठीक उस सड़क की तरह कभी नहीं भरते। गाल की तरह सड़क बनवाने वाली सरकार सड़कों में गड्ढा मुक्ति के लिए अभियान चलाती है यह अजीब बिडंबना है। सरकार भी जानती है की सड़क में गड्ढे नहीं गड्ढों की सड़क है।

(व्यंग्य आलेख)

-प्रभुनाथ शुक्ल

प्रभुनाथ शुक्ल

लेखक वरिष्ठ पत्रकार, कवि और स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं। आपके लेख देश के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित होते हैं। हिंदुस्तान, जनसंदेश टाइम्स और स्वतंत्र भारत अख़बार में बतौर ब्यूरो कार्यानुभव।

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