उप्र : अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल बीडी मिश्र काशी विश्वनाथ दर्शन के बाद पहुंचे पैतृक निवास

By प्रभुनाथ शुक्ल

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Arunachal Pradesh Governor BD Mishra reaches ancestral residence after Kashi Vishwanath
  • भारत के साथ चीन का रवैया प्रतिकूल, सरकार ने सेना को बढ़ाई सुविधाएं
  • राज्यपाल प्रयागराज के बाद करेंगे अयोध्या में श्रीराम का दर्शन

भदोही,23 जनवरी। शब्दरंग न्यूज डेस्क

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल व भारतीय सेना के पूर्व ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा शनिवार को कठौता स्थित अपने पैतृक निवास पहुंचे। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ परिसर पूरी तरह बदल गया है। बदलाव इतना हुआ है कि उसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती है।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के प्रति चीन का रवैया प्रतिकूल है, लेकिन अब पहले जैसी स्थिति नहीं है। सरकार ने सेना को जो सुविधाएं, हथियार और व्यवस्था उपलब्ध कराएं हैं ये सुविधाएं कभी नही मिली। इसलिए हम भारत माता की रक्षा के लिए पूरी तरह समर्थ हैं।

राजयपाल ने कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली रहा जो मुझे सेना में नौकरी मिली। 1962 में चीन और 1965 में भारत -पाकिस्तान युद्ध हमने लड़ा। 1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान से अलग कराने में युद्ध लड़ा गया। श्रीलंका में जब शांति सेना का भेजी गयीं तो वहाँ मुझे ब्रिगेडियर बनकर भेजा गया। हमें अपनी मातृभूमि और राष्ट्र पर गर्व है। राजपाल ने कहा कि हम काशी दर्शन को आए हैं। यहां से प्रयागराज जाएंगे फिर अयोध्या दर्शन के बाद निकल जाएंगे अरुणाचल प्रदेश।

इस दौरान उन्होंने अपने बचपन सहपाठियों के साथ मुलाकात की। बचपन के दोस्त जब एक साथ मिले तो सब की यादें तरोताजा हो गई। एक दूसरे का कुशल क्षेम पूछने लगे। यह दृश्य बेहद ही भावपूर्ण था। राजयपाल ने कहा कि आप लोगों को छोड़ने का मन नहीं कर रहा है। अपने परिवारिक करीबियों और बंधु-बांधव से बहुत सम्मान मिला है। अपने सहपाठी हीराराम जी का नाम लेकर जब उन्होंने पुकारा तो हीराराम ने कहा मुझे आप पहचान रहे हैं। इस दौरान बचपन में साथियों के साथ खेल की यादों को भी उन्होंने सुनाया। इस दौरान जिलाधिकारी आर्यका आखौरी और अधिकारियों की मौजूदगी में राज्यपाल बीड़ी मिश्र को गार्ड ऑफ आनर दिया गया।

प्रभुनाथ शुक्ल

लेखक वरिष्ठ पत्रकार, कवि और स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं। आपके लेख देश के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित होते हैं। हिंदुस्तान, जनसंदेश टाइम्स और स्वतंत्र भारत अख़बार में बतौर ब्यूरो कार्यानुभव।

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