भदोही : प्रभुनाथ मिश्र के निधन से ढह गईं गांधी और समाजवाद की एक मजबूत दीवार 

By shabdrang

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  • चंद्रशेखर सिंह कि सजपा और जेपी आंदोलन से भी जुड़े प्रभुनाथ मिश्र
  • भदोही जिला निर्माण और मलेरिया उन्मूलन में निभाई अहम् भूमिका

भदोही, 13 जुलाई । शब्दरंग न्यूज डेस्क


जनपद भदोही के समाजवादी चिंतक और गांधीवादी विचारधारा समर्थक प्रभुनाथ मिश्र का मंगलवार की भोर में दिल का दौरा पड़ने से बीएचयू में निधन हो गया। वे जेपी आंदोलन से भी जुड़े रहे। कई राजनितिक दलों में वह अहम पदों पर रहे। नब्बे के दशक में वे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह की सजपा से भी जुड़े रहे। भदोही जिले के निर्माण में अहम भूमिका निभाई।जिले की विभिन्न समस्याओं को लेकर हमेशा मुखर रहे।

Prabhunath Mishraगांधीवाद और समाजवादी विचारधारा

प्रभुनाथ मिश्र के निधन से गांधीवाद और समाजवादी विचारधारा का एक स्तम्भ ढह गया। समाजवादी विचारधारा के लोग मिश्र के अंतिम दर्शन को उनके पैतृक निवास पर उमड़ पड़े। औराई क्षेत्र के भमौरा निवासी प्रभुनाथ मिश्र का जन्म 15 अगस्त 1947 को हुआ था। छात्र जीवन से समाजसेवा और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने को स्थापित किया। विज्ञान के छात्र होते हुए भी राजनीति में गहरी पैठ रही और छात्र जीवन से ही समाजसेवी के रूप में कार्य किया।

मिश्र 1977 से जेपी आन्दोलन से जुड़े और सक्रिय भूमिका निभाई। समाजवादी सोशलिस्ट दल के संगठन मंत्री भी रहे। 1980 से 1989 तक जनता पार्टी के वाराणसी के जिला महामंत्री रहे। 1989 जनता दल के वाराणसी मंडल के चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी निभाई। 1990 में सजपा और 1992 समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया।

मलेरिया उन्मूलन का अभियान चलाया

प्रभुनाथ मिश्र ने समधा क्षेत्र में मलेरिया उन्मूलन का अभियान चलाया जिसमें लापरवाही करने वाले कई अधिकारियों पर गाज गिरी। मिश्र के नाम पर भ्रष्टाचार में संलिप्त लोग भय खाते रहे। इसी बात को लेकर कई भूमाफिया और भ्रष्ट अधिकारियों से इनके साथ भिड़ंत की भी घटनाए हुई। समाजवादी विचारधारा से जुडे होने से परिवार में भी लोग समाजवादी विचारधारा से जुड़े रहे और अब उनके बडे बेटे धर्मेन्द्र मिश्र समाजवादी पार्टी के एक सक्रिय कार्यकर्ता है।

Prabhu Nath Mishra's funeral

मिश्र के निधन की खबर के बाद समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष विकास यादव, पूर्व विधायक जाहिद बेग, जिला महासचिव हृदयनारायण प्रजापति, कृष्ण नारायण यादव, इजहार अंसारी, गुलाब यादव, इबरार अहमद, रामकरन यादव ने समाजवादी पार्टी के झंडे में लपेटकर उनके शव को कंधा भी दिया। घर से लेकर गंगा घाट तक लोगों का ताता लगा रहा। भोगांव गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

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