चितेरा ने मुंशी प्रेमचंद की बनाई तैल चित्र, किया याद

By shabdrang

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Oil painting made by Munshi Prem chand

मुंशी जी सामाजिक यथार्थ के सबसे बड़े चित्रकार : चितेरा

भारत के महान उपन्यासकार, साहित्य सम्राट, कहानीकार तथा प्रसिद्ध लेखक व अपनी रचनाओं से समाज में व्याप्त समस्याओं को दर्शाने वाले मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर सोमवार, 31 जुलाई को श्री गणेश सीनियर सेकेंडरी स्कूल पड़रा के कला शिक्षक राजकपूर चितेरा ने मुंशी प्रेमचंद जी की पोट्रेट चित्र बड़े आकार के कैनवास पर तैल माध्यम से बनाकर उन्हें याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया।

Munshi Premchand

चितेरा द्वारा बनाई पोर्ट्रेट में जहाँ लोक भावना के सशक्त प्रतिनिधि, मानवीय वेदना-संवेदनाओं की झलक दिख रही है तो वही जन-साधारण की भावनाओं, परिस्थितियों और समस्याओं का मार्मिक चित्रण देखने को मिल रहा। चितेरा इससे पहले भी विभिन्न तरह के एलिमेंट माध्यम से प्रख्यात लोगों के पोर्ट्रेट पेंटिंग बनाते आ रहे हैं। चितेरा ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर देश के सभी साहित्यकारों और हिंदी प्रेमियों को यह मेरी ओर से भेंट है। उन्होंने मुंशीजी को सामाजिक यथार्थ का सबसे बड़ा चित्रकार बताया।

गणेश स्कूल के प्राचार्य डॉ. महेंद्र तिवारी ने चितेरा द्वारा बनायी मुंशी प्रेमचंद की छवि चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए के कहा कि मुंशीजी साहित्य को सामाजिक सरोकारों एवं प्रगतिशील मूल्यों के साथ आगे बढ़ाने का काम किया। वह वस्तुत: जाति मुक्त, रूढि़ मुक्त संपन्न नए भारत का निर्माण करना चाहते थे। इस अवसर पर विद्यालय के उप प्राचार्य संजय सिंह चौहान, प्रधानाध्यापिका प्रीती शर्मा समेत अन्य स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रही।

मुंशी प्रेमचंद की बनाई तैल चित्र
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मुंशी प्रेमचंद की बनाई तैल चित्र

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