वर्तमान बीमारियों का हिम्मत से करें मुकाबला: शास्त्री

By प्रभुनाथ शुक्ल

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Acharya Shrikant Shastri

ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार आचार्य श्रीकांत शास्त्री जी ने अभी गंभीर बीमारी एवं अस्वस्थता को हरा दिया। श्री शास्त्री जी ने कहा की लोग नकारात्मक बातों से दूर रहें, मास्क लगाएं और इम्युनिटी बढ़ाएं । लगभग 15 दिन पहले तमाम बीमारियों से संघर्ष के बाद स्वस्थ होने पर 18 जनवरी को ठीक हुए वरिष्ठ पत्रकार आचार्य श्रीकांत शास्त्री जी का कहना है कि इस महामारी से लड़ाई में आत्मविश्वास सबसे जरूरी है। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर को अस्वस्थ होने पर होम क्वारंटीन हो गए थे।

एक जनवरी को गम्भीर रूप फीवर आने पर डाँ ए.के.दुबे जी से संपर्क किया गया था। डॉ साहब के सलाह और दवा से स्वास्थ्य कुछ ठीक हो गया और अपने कार्य मे लग गये। लेकिन जब पुनः दिनांक 8 जनवरी शाम को तबीयत खराब हुई तो फिर डाँ साहब से सम्पर्क किया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से खून, पेशाब, सीटी स्कैन, शुगर, ब्लड प्रेशर, आरटीपीसीआर आदि जांचों के लिए कहा। इसके बाद वे बेली गये जहां पर पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिली कि यहां ओपीडी बंद है तब वो बहुत घबराकर प्रीति नर्सिंग होम के डॉ. मधुकांत शुक्ला से संपर्क किया उन्हें अपनी समस्या बताएं जिन्होंने तत्काल अस्पताल आने को कहा और सारी जांच कराई कुछ इंफेक्शन के साथ सारी रिपोर्ट नेगेटिव आई सबसे अच्छी बात यह थी कि पहले ही बीमारी का पता चल गया। डॉक्टरों ने बड़े लगन से बहुत अच्छी तरह से देखभाल की। हम डॉ ए.के.दुबे एवं डॉ. मधु कांत शुक्ला और उनकी पूरी टीम के आभारी हैं, जिन्होंने इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी।

उनके बताये गये सभी निर्देशो का पालन करने पर स्वास्थ्य मे काफी सुधार हुआ, उन्होने हिम्मत नहीं हारी और बीमारी को हरा दिया, सबसे ऊपर ईश्वर की कृपा, डॉक्टर का लगनपूर्वक इलाज, उनके निर्देशों का पालन, खुद पर आत्मविश्वास, परिचितों व मित्रों की शुभकामनाओं का सामूहिक असर था कि स्वास्थ्य ठीक हो गया। नकारात्मकता शरीर पर मनोवैज्ञानिक और शारीरिक रूप से प्रभाव डालती है। नकारात्मक बाते मन में भय पैदा कर देते हैं, उनका कहना था कि मेरी कई लोगों से बात हुई जो डर गए। नकारात्मक बातों से दूर रहें और सकारात्मक दृष्टि रखें जिससे रिकवरी की ताकत और इच्छाशक्ति बढ़ जाएगी। भय करिए लेकिन कोरोना से नहीं बदपरहेजी से, डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करिए। बचाव के लिए सबसे बेहतर है कि मास्क पहनें और इम्युनिटी बढ़ाएं। जांच कराने से न घबराएं, पॉजिटिव हैं और टेस्ट कराने से इनकार कर दिया तो काफी नुकसान हो सकता है।

प्रभुनाथ शुक्ल

लेखक वरिष्ठ पत्रकार, कवि और स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं। आपके लेख देश के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित होते हैं। हिंदुस्तान, जनसंदेश टाइम्स और स्वतंत्र भारत अख़बार में बतौर ब्यूरो कार्यानुभव।

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