भदोही : योगी सरकार ने आँखों पर बांधी पट्टी, किसान और नौजवान परेशान- अखिलेश यादव

By प्रभुनाथ शुक्ल

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Former Chief Minister Akhilesh Yadav in Bhadohi on Teacher's Day:

Highlight:

समाजवादी पार्टी में शिक्षक और शिक्षामित्रों का सबसे अधिक हुआ सम्मान

राष्ट्रवादी कहलाने वाले देश की संपत्ति को निजी हाथों में बेचने में लगे

भदोही में कालीन उद्योग के विकास के लिए सपा ने किया सबसे अधिक काम

भदोही, 05 सितंबर। शब्दरंग न्यूज़ डेस्क

Former Chief Minister Akhilesh Yadav in Bhadohi on Teacher’s Day: समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भदोही में शिक्षक दिवस पर आयोजित सम्मेलन में राज्य की योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा सरकार आंख और कान बंद कर रखे है। किसान अपनी फसल की कीमत और नौजवान नौकरी के लिए परेशान है। नौजवानों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। कोरोना काल में शिक्षकों की मौत पर सरकार की तरफ से कितनी असंवेदनशील नीति अपनायी गयी। हमने अपनी सरकार में नौजवानों को लैपटॉप बांटा था। लेकिन योगी को लैपटॉप चलाना नहीं आता इसलिए स्मार्टफोन बांट रहे हैं। कुछ लोगों ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता भी ली।

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ज्ञानपुर विधानसभा के इनार गांव में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में रविवार को प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि प्रदेश में नौजवानों का रोजगार छिन गया है। लोग बेकार हो गए हैं। व्यापार छिन गया है, लेकिन राज्य सरकार आंखों पर पट्टी बांधकर सोयी है। पुरानी पेंशन बंद कर संविधान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

केंद्र की मोदी सरकार की चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि लोग अपने को राष्ट्रवादी कहते हैं। दम भरते हैं कि वह राष्ट्रवादी हैं और संविधान के तहत काम करते हैं। लेकिन देश की संपत्ति निजी हाथों में बेची जा रही है। रेलवे,एयरपोर्ट, बंरगाह सब निजी हाथों में बेची जा रही हैं। वह दिन दूर नहीं जब गंगा में चलने वाली नाव भी निजी हाथों में भेज दी जाएगी जिसकी वजह से नाविक और किसान बेरोजगार हो जाएंगे। (Akhilesh Yadav)

शिक्षकों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होता है। वह एक प्रबुद्ध समाज का निर्माण करता। लेकिन कोरोनाकाल में योगी सरकार ने शिक्षकों के साथ भद्दा मजाक किया। पंचायत चुनाव में शिक्षकों ने जमकर भाग लिया। कोरोना संक्रमण की वजह से काफी शिक्षकों की मौत हो गई, लेकिन सरकार ने पूरे प्रदेश भर में सिर्फ तीन शिक्षकों की मौत बताया। जबकि सरकार की पोल खोलते हुए शिक्षकसंघ ने 1600 शिक्षकों के मौत की जानकारी सरकार को दी। अब आप सोच लीजिए सरकार की कथनी और करनी में कितना बड़ा अंतर है। शिक्षक और शिक्षा मित्रों का अगर किसी सरकार ने सम्मान किया है तो वह सिर्फ समाजवादी पार्टी रही है। सत्ता में आने के बाद भाजपा ने सबसे बड़ा नुकसान शिक्षामित्रों का किया। सब बातें शिक्षक समाज समझ रहा है।

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि जब हम हेलीकॉप्टर से उतरे तो मास्क लगा रखे थे लेकिन जब मंच पर आए देखा तो यहां कोरोना गायब है। लेकिन यूपी में चुनाव आते-आते कोरोना वायरस फिर आ जाएगी। आप लोग इससे सावधान रहिएगा। कोरोना काल में हम सब ने मेडिकल प्रोटोकॉल का अनुपालन किया। अपने चेहरे पर मास्क लगा रखे थे। लेकिन कोरोना वायरस जाते ही सरकार ने खुद अपने आंखों और कानों पर पट्टी बांध ली और जनता की समस्याओं से दूर हो गई। आप सभी को इस बात को समझना होगा।

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समाजवादी पार्टी 2022 के चुनाव में पड़े बहुमत से जीत हासिल करेगी। भाजपा ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही है लेकिन आज राज्य का किसान बदहाल है। किसान आंदोलन कर रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी है। अगर किसान कानून पास हो गया तो किसान बेजार हो जाएगा। देश और प्रदेश में रसोई गैस डीजल और पेट्रोल की महंगाई से आम आदमी त्रस्त है। गरीब आज गैस सिलेंडर नहीं खरीद पा रहा है। कोरोना मेंऔर लॉक डाउन की वजह से लाखों मजदूरों की नौकरी चली गई। लेकिन सरकार चुप है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि भदोही के कालीन उद्योग के लिए सिर्फ समाजवादी पार्टी ने बहुत बड़ा काम किया है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में ही एक्सपो मार्ट बनाया गया था। मुख्यमंत्री योगी कि चुटकी लेते हुए कहा कि मार्ट हमने बनाया और योगी ने उद्घाटन किया। जबकि उद्घाटन मैंने पहले ही कर दिया था। कालीन बुनकर आज सबसे ज्यादा बेरोजगार है। समाजवादी पार्टी के लोगों में बड़ा उत्साह देखा गया। इस दौरान उन्हें चांदी का मुकुट और गदा भेंट किया गया। शंख और चक्र भी भेंट किया गया। इसके बाद उन्हें तस्वीर भी भेंट की गई। बड़ी संख्या में शिक्षक समाज और समाजवादी कार्यकर्ता मौजूद रहे। सपा के जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी के शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीराम पांडेय, पूर्व विधायक जाहिद बेग, मधुवाला पासी, आरिफ सिद्दीकी, मनोज आस्थाना और काफी संख्या में लोग मंच पर मौजूद रहे। (Akhilesh Yadav)

प्रभुनाथ शुक्ल

लेखक वरिष्ठ पत्रकार, कवि और स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं। आपके लेख देश के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित होते हैं। हिंदुस्तान, जनसंदेश टाइम्स और स्वतंत्र भारत अख़बार में बतौर ब्यूरो कार्यानुभव।

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