भदोही: समाजवाद का ढह गया किला, जिला पंचायत पर निर्दल अनिरुद्ध का कब्जा

By प्रभुनाथ शुक्ल

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The fort of socialism collapsed, independent Anirudh occupied the district panchayat
  • भाजपा विधायक रविन्द्रनाथ त्रिपाठी के भाई हैं अनिरुद्ध
  • निर्दल अमित सिंह को मिले चार मत
  • विजय मिश्र के जेल में होने से बदली सियासी फ़िजा
  • भाजपा में रविन्द्रनाथ त्रिपाठी का बढ़ा सियासी कद

भदोही, 03 जुलाई। शब्दरंग न्यूज़ डेस्क


पूर्वांचल की भदोही जिलापंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा विधायक रविन्द्रनाथ त्रिपाठी के भाई एवं निर्दल उम्मीदवार अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कब्जा जमा लिया है। शनिवार को हुए मतदान में 26 मतों में 25 लोगों ने मतदान किया। त्रिपाठी को कुल 20 मत मिले जबकि प्रतिद्वंदी अमित सिंह को सिर्फ चार मत। एक मत निरस्त हुआ है। जीत के बाद जिलाधिकारी आर्यका आखौरी ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा। इस चुनाव को लेकर भाजपा दो खेमों में बंट गई थी। लेकिन दिग्गज भाजपाई विधायक के साथ थे। भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई थी।

bhadohi-Anirudh occupied the district panchayatभाजपा ने पहले अमित सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया था जबकि उनके सामने पार्टी के ही भाजपा विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी के भाई अनिरुद्ध ने निर्दल उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन किया था। इस स्थिति को देखते हुए भाजपा के सामने विकट परिस्थिति बन गई थी। क्योंकि जिलापंचायत अध्यक्ष का चुनाव भाजपा बनाम भाजपा हो गया था। जबकि समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस इस पूरे खेल से बाहर दिखे। समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार श्याम कुमारी अपना नामांकन तक नहीं दाखिल कर पायी जिसकी वजह से सपा जिलाध्यक्ष को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की नाराजगी झेलनी पड़ी और अपनी कुर्सी गवांनी पड़ी।

ऐसे हालात में लड़ाई सीधे तौर पर भाजपा बनाम भाजपा में हो गई थी इस चुनाव को लेकर पार्टी दो भागों में विभाजित हो गई थी। एक धड़ा अमित सिंह को समर्थन कर रहा था जबकि दूसरा भाजपा विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी के साथ रहा। इस हालात में भाजपा बेहद असमंजस में थी जिसकी वजह से उसे अंततः अधिकृत उम्मीदवार अमित सिंह से समर्थन वापस लेना पड़ा। जिसके बाद से ही माना जा रहा है कि भाजपा विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी के भाई अनिरुद्ध का पलड़ा भारी है। इस जीत के बाद विधायक रविन्द्रनाथ त्रिपाठी एक मजबूत ब्राह्मण नेता के रुप में भी उभरे हैं। इस चुनाव का भविष्य में पूर्वांचल की राजनीति पर भी पड़ेगा। अब देखना होगा की ब्राह्मणों में वह विजय मिश्र जैसी छबि बना पाते हैं कि नहीं यह वक्त बताएगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष पर कब्जा करने के बाद भाजपा विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी राजनीति के मजे हुए खिलाड़ी के रूप में उभरे हैं। उन्होंने बाहुबली विधायक विजय मिश्र के तिलस्म को तोड़ दिया है। अब तक इस सीट पर समाजवादी पार्टी की जीत होती चली आ रही थी, जिसमें विधायक विजय मिश्र का दबदबा रहता था। लेकिन विधायक विजय मिश्र इस समय जेल में हैं। जिसकी वजह से भाजपा विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी ने इस सीट पर कब्जा जमा लिया। उनकी अजीत कई मायनों में अहम है। भदोही की राजनीति में वह नयी शख्सियत के रूप में उभरे हैं। इस जीत की वजह से योगी सरकार में उनका कद बढ़ सकता है। उन्होंने न सिर्फ अपने भाई को जीत दिलाई है बल्कि भदोही जिला पंचायत पर कब्ज़ा कर समाजवादी पार्टी का गढ़ ढ़हा दिया है। इस चुनाव में जीत के बाद सभी विरोधी चित्त हो गए हैं। विधायक का सियासी कद भी बढ़ गया है।

प्रभुनाथ शुक्ल

लेखक वरिष्ठ पत्रकार, कवि और स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं। आपके लेख देश के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित होते हैं। हिंदुस्तान, जनसंदेश टाइम्स और स्वतंत्र भारत अख़बार में बतौर ब्यूरो कार्यानुभव।

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