मध्यप्रदेश की सबसे लंबी सड़क सुरंग (Mohniya Tunal) का लोकार्पण आज

By shabdrang

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Madhya Pradesh's longest road tunnel Mohniya Tunal

केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री तथा मुख्यमंत्री करेंगे लोकार्पण

Mohniya tunal मोहनिया घाटी सुरंग से आवागमन सुगम होने के साथ मिलेगा वन्य जीवों को संरक्षण

मोहनिया घाटी सुरंग प्रदेश के लिए निर्माण की अनुपम सौगात

सीधी। सड़क और रेलमार्ग देश की विकास की धमनियाँ हैं। एक अच्छा सड़क मार्ग विकास के कई द्वार खोलता है। रीवा से सीधी के बीच प्रदेश की सबसे बड़ी सड़क सुरंग बनकर तैयार है।

रीवा-सीधी राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 39 में मोहनिया घाटी में 1004 करोड़ रूपये की लागत से 2.82 किलो मीटर लम्बाई की टनल बनायी गयी है। इसका निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किया गया है। जिसका लोकार्पण केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गड़करी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कल 10 दिसंबर को करेंगे।

लोकार्पण समारोह मोहनिया टनल के समीप दोपहर 12.30 बजे आरंभ होगा। समारोह में केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री 2443.89 करोड़ रूपये की लागत की 7 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे। इनकी कुल लंबाई 204.81 किलो मीटर है।

Mohniya Tunal

समारोह में केन्द्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री जनरल बी.के. सिंह, विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, खाद्य मंत्री तथा रीवा जिले के प्रभारी मंत्री बिसाहूलाल सिंह, वन मंत्री कुंवर विजय शाह, ग्रामीण विकास एवं पिछड़ावर्ग कल्याण मंत्री रामखेलावन पटेल तथा राज्य मंत्री लोक निर्माण विभाग सुरेश धाकड़, सांसद सीधी श्रीमती रीती पाठक की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।

नेशनल हाइवे नम्बर 75 ई में मोहनिया घाटी में बनाई गई इस सुरंग से रीवा और सीधी के बीच में 7 किलोमीटर की दूरी घटेगी। आवागमन सुगम होने के साथ लगभग 45 मिनट का कम समय सीधी पहुंचने में लगेगा। यह सुरंग आवागमन को सुगम करने के साथ पर्यावरण एवं वन्य जीवों के संरक्षण में भी सहायक सिद्ध होगी।

मोहनिया घाटी में सुरंग बन जाने से आवागमन लगभग बंद हो जाएगा। इससे घाटी में रहने वाले छोटे-बड़े वन्य जीव स्वच्छंद रूप से विचरण कर सकेंगे।

रीवा से सीधी के बीच बनाई गई सड़क सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। राष्ट्रीय सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा इसका निर्माण 1004 करोड़ रुपए की लागत से किया गया। इसका निर्माण कार्य 18 दिसम्बर 2018 को आरंभ हुआ। इसका निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा मार्च 2023 से 6 महीने पहले ही पूरा हो गया है।

Madhya Pradesh's longest road tunnel

मोहनिया घाटी में बनाई गई इस सुरंग की कुल लंबाई 2280 मीटर है। इसमें कुल 6 लेन हैं जिनमें से तीन आने के लिए तथा तीन जाने के लिए हैं। इन लेनों को आपस में 7 स्थानों पर जोड़ने के लिए अंडर पास दिए गए हैं। यदि कोई वाहन बीच से वापस लौटना चाहे तो सरलता से लौट सकता है। सुरंग के साथ घाटी से लेकर चुरहट तक 15.7 किलोमीटर की फोरलेन बाईपास सड़क का भी निर्माण किया गया है। रीवा की ओर सुरंग के शुरूआत बिन्दु पर रीवा का इकलौता सोलर पावर प्लांट स्थापित है। यह टनल दो बड़े निर्माण कार्यों का मिलन स्थल है।

सड़क सुरंग सीधी की ओर जिस स्थान पर समाप्त होती है वहाँ इसके ऊपर से बाणसागर बांध की नहर गुजर रही है। इस नहर से बाणसागर बांध से उत्तरप्रदेश राज्य को पानी दिया जाता है। कठिन प्रयासों के बाद इस नहर को बंद करके केवल चार महीने के रिकार्ड समय में एक्वाडक्ट का निर्माण किया गया। इस सड़क सुरंग के ऊपर से एक नहर और एक सड़क गुजर रही है।

रीवा-सीधी मार्ग में सड़क सुरंग का निर्माण पूरा हो जाने से आवागमन सुगम हो गया है। मोहनिया घाटी में आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते थे। इन दुर्घटनाओं में हो रही जानमाल की हानि अब नहीं होगी।

देश की ऊर्जाधानी सिंगरौली को इस नेशनल हाइवे से भारी वाहन, मशीनें एवं अन्य सामग्री लेकर जाते हैं। इन वाहनों को मोहनिया घाटी के कठिन मोड़ों तथा उतार-चढ़ाव पर बहुत कठिनाई होती थी। सुरंग बन जाने से अब भारी वाहन भी सुगमता से घाटी पार कर लेंगे। यह सुरंग सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। मोहनिया घाटी की सड़क सुरंग रीवा ही नहीं पूरे प्रदेश के लिए निर्माण की अनुपम सौगात है।

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