भदोही : विधायक न मंत्री , डीएम ने खुद किया सेतु का उद्घाटन

By प्रभुनाथ शुक्ल

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DM himself inaugurated the bridge
  • सपा विधायक ने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा ‘सपा का काम जनता के नाम’
  • राजनीतिक विवाद से बचने के लिए जिलाधिकारी ने खुद किया उद्घाटन

भदोही,05 अप्रैल। भदोही जनपद के विकास में एक और अध्याय जुड़ गया है। मंगलवार को सेतु का उद्घाटन करने के लिए सत्ता का कोई मंत्री या विधायक नहीं आया। किसी विवाद से बचने के लिए जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने कालीन नगरी के बहुप्रतीक्षित गजिया ओवर ब्रिज का उद्घाटन पैदल चलकर कर दिया। आठ साल बाद इस ओवरब्रिज को जनता को समर्पित कर दिया गया।

भदोही शहर में निर्मित इस ओवरब्रिज को लेकर खूब राजनीत होती रही है। समाजवादी पार्टी जहां इस पर अपना दावा ठोक दी रही थीं वही भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी इसको अपनी उपलब्धि बताते रहे हैं। हालांकि ओवरब्रिज का निर्माण समाजवादी पार्टी की सरकार में शुरू हुआ था। विधायक जाहिद बेग ने इसका शुभारंभ कराया था। 2014 में इसकी आधारशिला रखी गई।

Aryka akhuri dm bhadohi

भाजपा सरकार में तकनीकी मुद्दों को लेकर ब्रिज का निर्माण कुछ सालों के लिए रुका था लेकिन इसके बाद प्रारंभ हो गया। पूर्व विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी पिछले दिनों पुल पर चलकर और उसकी खुदाई करवा गुणवत्ता भी जांची थी। वहीं समाजवादी पार्टी के विधायक जाहिद बेग इसे अपनी उपलब्धि बताते रहें। सोशल मीडिया पर उद्घाटन के बाद उन्होंने अपनी खुद की तस्वीर सेतु के साथ डाली है।

जिलाप्रशासन गाजिया ओवर ब्रिज के उद्घाटन को लेकर किसी प्रकार की फजीहत नहीं कराना चाहता था। क्योंकि राज्य में योगी आदित्यनाथ की सरकार है। जबकि भदोही के वर्तमान विधायक जाहिद बेग है। लेकिन उद्घाटन सत्र में सत्ता और विपक्ष के किसी भी राजनेता को नहीं बुलाया गया। हालांकि सपा विधायक ने अपने ट्वीटर हैंडल पर सेतु की तस्वीर डालते हुए ट्वीत किया है’सपा का काम जनता के नाम’।लेकिन समझा जा रहा है कि किसी सियासी विवाद से बचने के लिए जिलाधिकारी आर्यका अखौरी बगैर तामझाम के सेतु का उद्घाटन खुद पैदल चल कर दिया।

उद्घाटन को लेकर कोई सियासत हलचल नहीं हुई। इस दौरान भदोही पुलिस अधीक्षक डा. अनिल कुमार भी मौजूद रहे। किसी भी कैबिनेट मंत्री या संबंधित विभाग के मंत्री को नहीं बुलाया गया। हालांकि यह जनपद के लिए एक गौरव की बात है। गाजिया ओवरब्रिज का निर्माण आम जनता की मांग और जरूरत है। क्योंकि ट्रेन गुजरने के दौरान शहर में घंटो-घंटो जाम लगते थे। तीखी धूप में आम लोग बिलबिला कर रह जाते थे। लेकिन विवाद से बचने के लिए जिला प्रशासन ने किसी भी राजनेता को उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित नहीं किया।

भदोही जनपद की जिलाधिकारी आर्यका अखोरी

आर्यका अखौरी ने पैदल चलकर ओवर ब्रिज का उद्घाटन कर दिया। जिलाधिकारी के इस कदम से सारी सियासत की अटकलों पर विराम लग गया। जिलाप्रशासन किसी भी विवाद में नहीं फंसना चाहता था। इसलिए जिलाधिकारी ने स्वयं बगैर किसी तामझाम के उद्घाटन कर सेतु को जनता के लिए समर्पित कर दिया।

प्रभुनाथ शुक्ल

लेखक वरिष्ठ पत्रकार, कवि और स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं। आपके लेख देश के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित होते हैं। हिंदुस्तान, जनसंदेश टाइम्स और स्वतंत्र भारत अख़बार में बतौर ब्यूरो कार्यानुभव।

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