MPPSC Main Exam 2022 : आज से होगी राज्य सेवा मुख्य परीक्षा, 13 हजार 600 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

By अजय एहसास

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MPPSC Main Exam 2022

MPPSC Main Exam 2022 : मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (mppsc) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2022 आज सोमवार से होगी। प्रदेशभर के 10 शहरों में 13600 अभ्यर्थी के लिए 39 केंद्र बनाए गए हैं। अकेले इंदौर में सात हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इनके लिए आयोग ने 21 केंद्र बनाए हैं। ठंड बढ़ने से जूते-मोजे और स्वेटर व गर्म कपड़े पहनने की छूट दी गई है। आयोग के इस फैसले से अभ्यर्थियों को राहत मिली है। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा आठ से 13 जनवरी के बीच सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक होगी।

457 पदों के लिए राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2022

19 विभागों के 457 पदों के लिए राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2022 पिछले साल 21 मई को करवाई गई, जिसमें डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, सहायक आयुक्त, सहायक संचालक, श्रम अधिकारी, जिला महिला व बाल विकास, सहायक संचालक जनसंपर्क, जिला पंजीयक, जिला आबकारी अधिकारी सहित अन्य पद थे। परिणाम 12 जुलाई 2023 को घोषित हुआ था। 13600 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए और 10351 को मुख्य सूची और 3250 को प्रावधिक सूची में रखा गया।

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MPPSC Main Exam 2022 के लिए 39 केंद्र बने

मुख्य परीक्षा के लिए 39 केंद्र इंदौर, भोपाल, रतलाम, सतना, सागर, शहडोल, बड़वानी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, ग्वालियर में बनाए गए हैं। यहां निगरानी रखने के लिए आयोग के उड़नदस्ते भी रहेंगे। गर्म कपड़ों के अलावा अभ्यर्थियों को परदर्शी बोतल में पानी लाना होगा। स्मार्ट वाच, मोबाइल, कैलकुलेटर सहित अन्य इलेक्ट्रानिक डिवाइस प्रतिबंधित रहेंगे। छात्राओं को ईयर रिंग पहनने की मनाही है। आयोग के रवींद्र पंचभाई ने बताया कि जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा। गर्म कपड़ों की आड़ में वर्जित वस्तुएं मिलती हैं तो अभ्यर्थी को परीक्षा से बाहर करेंगे। यहां तक कि प्रकरण भी दर्ज किया जाएगा।

अजय एहसास

युवा कवि और लेखक, अजय एहसास उत्तर प्रदेश राज्य के अम्बेडकर नगर जिले के ग्रामीण क्षेत्र सलेमपुर से संबंधित हैं। यहाँ एक छोटे से गांव में इनका जन्म हुआ, इनकी इण्टरमीडिएट तक की शिक्षा इनके गृह जनपद के विद्यालयों में हुई तत्पश्चात् साकेत महाविद्यालय अयोध्या फैजाबाद से इन्होंने स्नातक की उपाधि प्राप्त की। बचपन से साहित्य में रुचि रखने के कारण स्नातक की पढ़ाई के बाद इन्होंने ढेर सारी साहित्यिक रचनाएँ की जो तमाम पत्र पत्रिकाओं और बेब पोर्टलो पर प्रकाशित हुई। इनकी रचनाएँ बहुत ही सरल और साहित्यिक होती है। इनकी रचनाएँ श्रृंगार, करुण, वीर रस से ओतप्रोत होने के साथ ही प्रेरणादायी एवं सामाजिक सरोकार रखने वाली भी होती है। रचनाओं में हिन्दी और उर्दू भाषा के मिले जुले शब्दों का प्रयोग करते हैं।‘एहसास’ उपनाम से रचना करते है।

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