शीर्षक – मुझसे नहीं होगा।।

By अजय एहसास

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Mujhse Nahi Hoga Ajay Ehsaas Poetry

करूं झूठ को स्वीकार ये मुझसे नहीं होगा
सच को करूं धिक्कार ये मुझसे नहीं होगा ।
सिक्कों से तौल दो मुझे या दो रियासतें
कर लूं मैं अहंकार ये मुझसे नहीं होगा ।।

हो गर न सामने से अपनेपन का इशारा
अपना करूं अधिकार ये मुझसे नहीं होगा ।
लेना जो चाहते हैं मुझसे जिंदगी मेरी
करूं उन पे जां निसार ये मुझसे नहीं होगा ।।

वो करता मदद मेरी अब बारी है मेरी
बन जाऊं होशियार ये मुझसे नहीं होगा ।
करता है काम कोई नाम और किसी का
हो जाऊं दावेदार ये मुझसे नहीं होगा।।

बुनियाद में इक ईंट लगाई नहीं मैंने
घर का बनूं हकदार ये मुझसे नहीं होगा ।
ऊपर की कमाई से ऊंचे महल बनाऊं
और खुश करूं परिवार ये मुझसे नहीं होगा।।

मैं आईने सा साफ सदा सामने रहा
करूं पीठ पीछे वार ये मुझसे नहीं होगा।
कहते हैं लोग कर लो मोहब्बत भी किसी से
गर ना मिले विचार ये मुझसे नहीं होगा।।

दौलत हो या शोहरत मिले या ऊंचे ऊंचे पद
भूलूं मैं शिष्टाचार ये मुझसे नहीं होगा ।
अपनाया जिसने भी उसे छोड़ा नहीं मैंने
रिश्तों में हो व्यापार ये मुझसे नहीं होगा ।।

दो बात गुस्से में किसी अपने ने कह दिये
तो मैं करूं टकरार ये मुझसे नहीं होगा ।
मन से हूं माना जिसको करूं दिल से उसे प्यार
छल से करूं इज़हार ये मुझसे नहीं होगा।।

देकर गुलाब हैप्पी वैलेंटाइन बोलूं
छोड़ू मैं संस्कार ये मुझसे नहीं होगा ।
गर है तुझे “एहसास” मेरे प्यार का तो ठीक
जबरन करूं मैं प्यार ये मुझसे नहीं होगा।।

कविता- अजय एहसास

सुलेमपुर परसावां
अम्बेडकर नगर (उ०प्र०)

अजय एहसास

युवा कवि और लेखक, अजय एहसास उत्तर प्रदेश राज्य के अम्बेडकर नगर जिले के ग्रामीण क्षेत्र सलेमपुर से संबंधित हैं। यहाँ एक छोटे से गांव में इनका जन्म हुआ, इनकी इण्टरमीडिएट तक की शिक्षा इनके गृह जनपद के विद्यालयों में हुई तत्पश्चात् साकेत महाविद्यालय अयोध्या फैजाबाद से इन्होंने स्नातक की उपाधि प्राप्त की। बचपन से साहित्य में रुचि रखने के कारण स्नातक की पढ़ाई के बाद इन्होंने ढेर सारी साहित्यिक रचनाएँ की जो तमाम पत्र पत्रिकाओं और बेब पोर्टलो पर प्रकाशित हुई। इनकी रचनाएँ बहुत ही सरल और साहित्यिक होती है। इनकी रचनाएँ श्रृंगार, करुण, वीर रस से ओतप्रोत होने के साथ ही प्रेरणादायी एवं सामाजिक सरोकार रखने वाली भी होती है। रचनाओं में हिन्दी और उर्दू भाषा के मिले जुले शब्दों का प्रयोग करते हैं।‘एहसास’ उपनाम से रचना करते है।

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