सीधी। गुरूवार को नगर के कमला मेमोरियल कॉलेज, पड़रा के वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग द्वारा भारतीय अनुबंध अधिनियम 1872 विषय पर एक दिवसीय शैक्षणिक सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्रों ने प्रस्ताव, स्वीकृति, समझौता एवं अनुबंध पर कानून की बारीकियों को बड़े ही सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि रहे प्राचार्य डॉ. रोहित सिंह चौहान एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं वाणिज्य एवं प्रबन्ध विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीता सक्सेना द्वारा श्रीगणेश व माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। भक्तिमय वातावरण में सरस्वती वंदना के पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया।
सेमिनार के मुख्य सत्र में कॉलेज के होनहार छात्र-छात्राओं ने प्रस्ताव, स्वीकृति, समझौता एवं अनुबंध जैसे जटिल विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। छात्रा माही भारती, पलक सिंह और मोहित सिंह ने बताया कि एक वैध अनुबंध के लिए प्रस्ताव और उसकी स्वीकृति कितनी अनिवार्य है। कुमकुम सोनी, प्रियांशी सिंह, आस्था सिंह और संजना मिश्रा ने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से अनुबंध और समझौते के बीच के अंतर सहित विभिन्न दृष्टिकोणों को व्यावहारिकता के साथ जोड़ा। कार्यक्रम संयोजक डॉ. मंगलेश्वर गुप्ता द्वारा स्वागत वक्तव्य में छात्रों के उत्साह की सराहना की गई और विषय की प्रासंगिकता के महत्व पर प्रकाश डाला गया। प्राचार्य डॉ. चौहान द्वारा छात्रों को संबोधित करते हुए बताया गया कि शैक्षणिक तैयारी के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट आज के समय की मांग है। ऐसे सेमिनार छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। विषय सभी के लिए प्रासंगिक है, अतः ऐसे विषयों पर निरंतरता सहित कार्यक्रम आयोजन सबके हित में हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं डॉ. सक्सेना ने सभी प्रतिभागियों के प्रयास को सराहा और सफल आयोजन के लिए कार्यक्रम में उपस्थित सबका आभार व्यक्त किया। मंच संचालन छात्र अनुभव सोनी द्वारा किया गया। कार्यक्रम को तकनीकी रूप से सफल बनाने में नैन्सी सिंह और रोशन रजक का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर कॉलेज स्टाफ से मुख्य रूप से डॉ. प्रीति पांडेय, डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी, धर्मेंद्र द्विवेदी, ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी, विनय कुमार त्रिपाठी, प्रदीप कुमार सोनी, सुरेश पनिका, हंसराज सिंह, नरेंद्र कुमार मिश्रा, अन्नू जायसवाल शामिल रहे। विभिन्न कक्षाओं से शामिल छात्रों का उत्साह कार्यक्रम को नया आयाम देने में सहयोगी बना।
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