बच्चे ही बाघ संरक्षण के सच्चे प्रहरी हैं – प्रमोद सिंह
सीधी। (राजकपूर चितेरा)
आगामी ग्लोबल टाइगर डे (29 जुलाई) के उपलक्ष्य में परिक्षेत्र सीधी, सोन घड़ियाल अभयारण्य के तत्वावधान में स्थानीय एसजीएसएस, पड़रा (गणेश स्कूल) में बाघ संरक्षण विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम संजय टाइगर रिजर्व के उप संचालक राजेश कन्ना टी. के निर्देशन में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर सोन घड़ियाल अभयारण्य के अधीक्षक प्रमोद सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में परिक्षेत्र अधिकारी मनीराम धुर्वे, मॉनिटरिंग परिक्षेत्र अधिकारी कैलाश चंद उइके सहित वन विभाग का अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहा। विद्यालय की हेडमिस्ट्रेस माएमा सिमन्स ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में बाघ संरक्षण, वन्यजीवों के महत्व तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। प्रतियोगिता में विद्यालय के लगभग 280 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बाघ, जंगल एवं प्रकृति संरक्षण पर आधारित आकर्षक एवं संदेशपरक चित्र प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों की रचनात्मकता, रंग संयोजन एवं विषय की अभिव्यक्ति का मूल्यांकन विद्यालय के कला शिक्षक राजकपूर चितेरा एवं बीना सिंह चौहान ने निर्णायक के रूप में किया।
प्रतियोगिता में कक्षा 3 से 5 वर्ग में प्रिंसी रावत ने प्रथम, सुयश द्विवेदी ने द्वितीय तथा अंकन कपूर गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं आध्या सिंह एवं आद्या अवाधिया को सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। जबकि, कक्षा 6 से 8 वर्ग में विक्रम जायसवाल ने प्रथम, अश्लेषा गुप्ता ने द्वितीय तथा आराध्य सिंह चौहान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं आरव कुमार एवं तरुण कारपेंटर को सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।
प्रतियोगिता के विजेता
कक्षा 3 से 5
- प्रथम – प्रिंसी रावत
- द्वितीय – सुयश द्विवेदी
- तृतीय – अंकन कपूर गुप्ता
- सांत्वना – आध्या सिंह एवं आद्या अवाधिया
कक्षा 6 से 8
- प्रथम – विक्रम जायसवाल
- द्वितीय – अश्लेषा गुप्ता
- तृतीय – आराध्य सिंह चौहान
- सांत्वना – आरव कुमार एवं तरुण कारपेंटर
मुख्य अतिथि प्रमोद सिंह ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ बच्चों में प्रकृति, वन्यजीवों और बाघ संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि विद्यार्थियों में प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के संस्कार देना भी विद्यालय का महत्वपूर्ण दायित्व है तथा ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर विद्यालय की हेडमिस्ट्रेस माएमा सिमन्स, किड्स गणेश इंचार्ज कोमल वाधवानी, अवतार कृष्ण, माखनलाल मिश्र एवं अंकिता सेन सहित समस्त शिक्षकगण एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे। अंत में वन विभाग के अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
