टाइगर कॉस्ट्यूम, स्टोरी प्ले और चित्रकला के माध्यम से नन्हे बच्चों ने दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश
सीधी। राजकपूर चितेरा
किड्स गणेश प्ले स्कूल में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस उत्साह, उल्लास और प्रकृति संरक्षण के संदेश के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्ले ग्रुप से लेकर यूकेजी तक के नन्हे विद्यार्थियों ने आकर्षक टाइगर कॉस्ट्यूम पहनकर कार्यक्रम में भाग लिया। बच्चों की मनमोहक वेशभूषा और उत्साह ने पूरे विद्यालय परिसर को जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने बाघ एवं वन्यजीव संरक्षण पर आधारित स्टोरी प्ले प्रस्तुत किए, जिनके माध्यम से जंगलों, वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण का महत्व सरल एवं रोचक ढंग से समझाया गया। कई बच्चों ने चित्रकला के माध्यम से बाघों, जंगलों और प्रकृति के प्रति अपने प्रेम एवं संरक्षण का संदेश भी प्रस्तुत किया। नन्हे विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर परिक्षेत्र सीधी, सोन घड़ियाल अभयारण्य के अधीक्षक प्रमोद सिंह ने वन विभाग की टीम के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीवों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बचपन से ही विकसित की जानी चाहिए। ऐसे आयोजन बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में सामाजिक, नैतिक एवं पर्यावरणीय मूल्यों का विकास करना भी है। विद्यालय की हेडमिस्ट्रेस माएमा सिमंस ने कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षा से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ती है।
किड्स गणेश प्ले स्कूल की इंचार्ज कोमल बाधवानी ने बताया कि विद्यालय में समय-समय पर ऐसे रचनात्मक एवं जागरूकता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे बच्चों में प्रकृति, पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति प्रेम तथा जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। अंत में सभी बच्चों ने बाघों एवं जंगलों की सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय की शिक्षिकाएँ साधना शर्मा, नाज़िया बानो, वीना सिंह, प्रीति सिंह चतुर्वेदी, अपर्णा सिंह बघेल एवं कृतिका गुप्ता का विशेष योगदान रहा।
