सपनों को पहचानें, सही मार्ग चुनें और भविष्य को संवारें : अरुण ओझा
सीधी न्यूज़। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति सतत प्रयासरत शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान श्री गणेश सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पड़रा में गुरुवार को कक्षा बारह के विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन एवं विषय चयन कार्यशाला का प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्म मूल्यांकन के माध्यम से सही विषय एवं उपयुक्त करियर चयन हेतु जागरूक करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक निदेशक अरुण ओझा ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायक संबोधन में विद्यार्थियों को जीवन की दिशा तय करने के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में अद्वितीय प्रतिभा निहित होती है, आवश्यकता है उसे पहचानने, संवारने और सही दिशा देने की। उन्होंने स्पष्ट किया कि करियर केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि आत्मसंतोष, सम्मान और समाज के प्रति दायित्व निभाने का माध्यम है।

श्री ओझा ने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान युग अवसरों का स्वर्णकाल है, जिसमें विज्ञान, वाणिज्य और कला के सभी क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ उपलब्ध हैं। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ग्राफिक डिजाइनिंग, मीडिया एवं पत्रकारिता, सामाजिक सेवाएँ, सिविल सेवाएँ और उद्यमिता जैसे नवीन एवं उभरते क्षेत्रों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपनी रुचि, क्षमता और लक्ष्य के अनुरूप विषय चयन करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि दूसरों की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं, बल्कि अपने अंतर्मन की आवाज़ सुनकर लिया गया निर्णय ही स्थायी सफलता दिलाता है।मार्गदर्शन सत्र के दौरान विद्यार्थियों के साथ सार्थक संवाद हुआ। श्री ओझा ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान कर करियर से जुड़ी अनेक भ्रांतियों को दूर किया। उनके व्यवहारिक अनुभवों एवं उदाहरणों से विद्यार्थियों में उत्साह, स्पष्टता और आत्मविश्वास का संचार हुआ।
Read More : नन्हे वैज्ञानिकों ने दिखाया कमाल, गणेश स्कूल की विज्ञान-कंप्यूटर प्रदर्शनी बनी चर्चा का विषय: गणेश स्कूल में करियर काउंसलिंग आयोजित, 12वीं के विद्यार्थियों के सपनों को मिली नई उड़ानकार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेंद्र कुमार तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता का मूलमंत्र सही समय पर लिया गया सही निर्णय है और विषय चयन उसी दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, निरंतर परिश्रम और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ समस्त शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण पूर्णतः संवादात्मक एवं प्रेरणादायक रहा। समापन अवसर पर प्राचार्य द्वारा अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।


